April 25, 2026

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सरकार देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के लिए बनाएगी गेस्ट हाउस

उत्तराखंड: देहरादून में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार द्वारा देहरादून और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेजों में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के लिए गेस्ट हाउसललित जोशी ने स्वागत किया है और इसे जनता की ज़रूरत से जुड़ा सकारात्मक और मानवीय निर्णय बताया है। ललित जोशी का कहना हैं कि अक्सर दूर-दराज से आए मरीजों के परिजन अस्पताल परिसर के बाहर असुविधाजनक स्थितियों में रात गुजारते हैं। ऐसे में गेस्ट हाउस जैसी सुविधा उन्हें आवास, स्वच्छता और सुरक्षा प्रदान करेगी। यह निर्णय सरकार की जन-हितैषी सोच को दर्शाता है। जोशी ने आगे कहा कि सरकार को चाहिए कि इस योजना को शीघ्रता से लागू किया जाए और गेस्ट हाउस की सुविधा सभी जरूरतमंदों को सुलभ हो। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी इस दिशा में जल्द कार्यवाही करने की अपील की।

जोशी का कहना हैं कि यह निर्णय लंबे समय से मरीजों के परिजनों की समस्याओं को देखते हुए जरूरी था। उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों के दौरान भी उन्होंने इसे अपने प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल किया था, और अब इसकी मंजूरी से न केवल हल्द्वानी बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बल्कि दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजन अक्सर अस्पताल परिसर के बाहर खुले में रात बिताने को मजबूर होते हैं। गेस्ट हाउस की सुविधा मिलने से उन्हें रहने के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान मिलेगा। जोशी ने राज्य सरकार से इस योजना को शीघ्रता से धरातल पर उतारने और निर्माण कार्य में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।

जोशी ने यह भी कहा कि उन्होंने निकाय चुनाव के दौरान इस मुद्दे को अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल किया था और अब इसकी मंजूरी उनके चुनावी वादों की सफलता का संकेत है। हालांकि, दूसरी ओर जोशी ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन आजकल अतिक्रमण के नाम पर तोड़फोड़ को ही विकास मानकर बैठा है। छोटे-छोटे व्यापारियों की कुर्सी और मेज उठाकर वाहवाही लूटी जा रही है, जबकि शहर की सड़कों की हालत बदहाल बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ महीनों से शहर की अधिकांश सड़कें उधड़ी पड़ी हैं, और अब जब बरसात का मौसम नजदीक है, तो समय पर काम पूरा नहीं होने से यह सड़कें बीमारी का स्रोत बन सकती हैं। जोशी ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हल्की बारिश के बाद ही नैनीताल रोड पर सड़कों पर पानी ओवरफ्लो होकर बहने लगा। यह साफ संकेत है कि नाली और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल है। उन्होंने नगर निगम को चेताया कि “ध्यान भटकाने की बजाय मूलभूत सुविधाओं पर फोकस करें, क्योंकि जनता को अतिक्रमण नहीं, बल्कि साफ-सुथरी सड़कें, जल निकासी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं चाहिए।

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