बाजपुर। गांव हरसान के अस्कोट तोक में लाइसेंसी दो नाली बंदूक साफ करते समय अचानक गोली चल गई। गोली लगने से सेवानिवृत्त सूबेदार चंचल सिंह बोरा (60) की मौत हो गई। इस घटना से परिवार में दीपावली की खुशियों पर ग्रहण लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में ले लिया है।
परिजनों के अनुसार गांव हरसान के तोक अस्कोट निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार चंचल सिंह बोरा अपने कमरे में रखी लाइसेंसी डबल बैरल 12 बोर बंदूक की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली चल गई जो उनके सिर में लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।गोली की तेज आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे जहां चंचल बोरा खून से लथपथ पड़े थे। सूचना पर बरहैनी पुलिस चौकी प्रभारी संदीप शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार शाम को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सीओ विभव सैनी ने बताया कि गोली लगने से मौत की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल से लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में ले लिया है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों की पुष्टि होगी। संवाद
सूबेदार के बेटे की 25 नवंबर को होनी है शादी
बंदूक साफ करते वक्त अचानक चली गोली से पूर्व सूबेदार चंचल बोरा की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। मृतक बोरा के बेटे की शादी 25 नवंबर को होनी थी। इसी चलते घर में सफाई चल रही थी। परिवार के लोग शादी की खरीदारी और रिश्तेदारों को न्योता देने की तैयारी में लगे थे। परिजनों को नहीं मालूम था कि ऐसी घटना हो जाएगी। शादी और दीपावली की खुशियां मातम में बदल गईं। घटना को सुनकर हर कोई हैरान है। शोक व्यक्त करने वालों का घर पर तांता लगा है। ग्रामीणों के अनुसार सोमवार को गांव हरसान में बीमारी के चलते सुरेश जोशी और इसी गांव निवासी एक महिला की लंबी बीमारी के चलते मृत्यु हो गई जिससे पूरा गांव शोक में डूबा है।

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