March 7, 2026

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काशीपुर:छात्रसंघ अध्यक्ष अपने छः साथियो के साथ पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़े

काशीपुर में छात्रसंघ अध्यक्ष ने वंचित छात्र-छात्राओं को परीक्षा दिलाने की वार्ता के समय एक प्राध्यापक पर गालीगलौज करने का आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन किया। सुनवाई नहीं होने पर छात्रसंघ अध्यक्ष समेत छह छात्रों ने पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़कर आत्मदाह का प्रयास किया। सदस्य और परीक्षा प्रभारी के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।

बृहस्पतिवार सुबह बीए प्रथम सेमेस्टर के तीन छात्र-छात्राएं समय से नहीं पहुंचे। उन्हें परीक्षा दिए बिना लौटा दिया गया। इसकी सूचना पर छात्रसंघ अध्यक्ष जतिन शर्मा साथियों के साथ परीक्षा प्रभारी डॉ. अनुराग अग्रवाल के पास पहुंचे। उन्होंने लौटे छात्रों को परीक्षा दिलाने के लिए कहा। इस पर उनके बीच बहस हो गई।जतिन शर्मा ने परीक्षा प्रभारी कक्ष में बैठे एक प्राध्यापक पर उनके साथ गालीगलौज करने और परीक्षा प्रभारी पर अभद्रता का आरोप लगाया। इसके बाद छात्रों ने प्राचार्य कक्ष के बाहर चैनल गेट पर तालाबंदी कर दी। वे परीक्षा प्रभारी को हटाने और प्राध्यापक से माफी मंगवाने पर अड़ गए। करीब पौन घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा जब कोई सुनवाई नहीं होने पर गुस्साए छात्रसंघ अध्यक्ष जतिन, दानिश, बंटी, हितेश, आसिफ, इमराम पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़ गए।

उन्होंने छत के दरवाजे पर ताला लगाकर परीक्षा प्रभारी को हटवाने और सदस्य से माफी मंगवाने के लिए प्रदर्शन करते रहे। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने भी छात्रों को नीचे आने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माने। सदस्य और परीक्षा प्रभारी के माफी मांगने पर छात्र छत से उतर गए। यह हाईवोल्टेज ड्राॅमा करीब दो घंटे तक चलता रहा।

परीक्षा प्रभारी डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मेरे से छात्रों की कोई बात नहीं हुई है। न ही मैंने उनके साथ कोई गालीगलौज की है। जतिन ने बताया कि सुबह नौ बजे से परीक्षा शुरू हुई थी। करीब 9:20 बजे तीन छात्र-छात्राएं परीक्षा देने पहुंच गए थे। उन्हें वापस भेज दिया। परीक्षा प्रभारी और सदस्यों के माफी मांगने पर धरना प्रदर्शन समाप्त किया है। परीक्षा के दौरान कॉलेज में धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई के संबंध में पूछने पर प्राचार्य ने चुप्पी साध ली।

कॉलेज में दो दिसंबर से दो पाली में परीक्षा चल रही है। 9:30 बजे तक परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है लेकिन इसके बाद आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती है। तीन विद्यार्थी समय से नहीं पहुंचे थे। यह छात्र देरी से पहुंचने वालों को परीक्षा दिलाने की मांग कर रहे हैं। यह नियम के विरुद्ध है। प्राध्यापक की ओर से छात्रों को गालीगलौज नहीं की गई है। – प्रो. सुमिता श्रीवास्तव, प्राचार्य, राधेहरि पीजी कॉलेज काशीपुर