March 7, 2026

Jaspur Times

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52 अनुबंधित बसों के सहारे चल रही रोडवेज की परिवहन सेवा

नौ कंडम बसों की नीलामी की संस्तुति के बाद बचीं 30 गाड़ियां भी सात साल पुरानी

रुद्रपुर। तराई क्षेत्र की यात्री परिवहन सेवा का जिम्मा संभालने वाला रोडवेज डिपो नई बसों के लिए तरस गया है। डिपो की यात्री परिवहन सेवा अनुबंधित बसों के सहारे चल रही है। डिपो की नौ बसें कंडम हो गई हैं। शेष 30 बसें भी समय सीमा पूरी करने जा रही हैं।

डिपो के पास मात्र 39 वसों का बेड़ा है। इसमें से नौ बसें दस लाख किमी से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं। डिपो प्रबंधन ने इन बसों को नीलाम करने की संस्तुति कर दी है। डिपो के पास केवल 30 बसों का बेड़ा बचा है। यह बसें भी सात साल पुरानी हैं।

इनमें से भी अधिकांश बसें कंडम होने की कगार पर पहुंच गई

नई बसों के आवंटन का मामला निगम प्रबंधन के सामने लगातार उठाया जाता है। हाल में भी सीएनजी बसों के आवंटन की मांग की गई है। आने वाले दिनों में सीएनजी चसों के आवंटन की उम्मीद है।

  • श्रीराम कौशल, सहायक महाप्रबंधक रोडवेज डिपो

हैं। सात से नौ लाख किमी का सफर तय कर चुकी हैं। वर्ष 2019 से डिपो को नई बस नहीं मिली हैं। पुरानी बसें अक्सर खराब हो रही हैं।

रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। डिपो की कार्यशाला से मैकेनिक भेजने पड़ते हैं। हर रोज लगभग चार-पांच बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। डिपो से 52 अनुबंधित बसों का संचालन होता है।