रुद्रपुर/बाजपुर/शांतिपुरी। महिला आरक्षण संशोधन बिल के संसद में गिरने के बाद तराई में राजनीति गरमा गई है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष को नारी शक्ति का विरोधी बताया। उनका कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तीकरण का जो चक्रव्यूह रचा था विपक्ष उसमें फंस गया है और अब जनता उन्हें इसका कड़ा जवाब देगी।
– भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल ने कहा कि जिस विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, उसे कांग्रेस, सपा और डीएमके ने तकनीकी आधार पर गिराकर अपनी महिला विरोधी मानसिकता सिद्ध कर दी है। उन्होंने सवाल किया कि राहुल गांधी किस मुंह से महिला सम्मान की बात करते हैं।वरिष्ठ भाजपा नेता भारत भूषण चुघ ने कहा कि भाजपा ने दशकों पुराने लंबित मुद्दे को सुलझाने का साहस दिखाया लेकिन विपक्ष ने महिलाओं को सर्वोच्च सदन में पहुंचने से रोक दिया। इससे विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा सामने आया है।रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा ने कहा कि 18 अप्रैल का दिन विपक्ष की सियासी हार के रूप में याद किया जाएगा। कांग्रेस ने दशकों तक राज किया लेकिन कभी महिलाओं को हक नहीं दिया। जब मोदी सरकार बिल लाई तो कभी परिसीमन तो कभी अन्य बहानों से रोड़े अटकाए गए। अब भाजपा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर विपक्ष के इस चेहरे को बेनकाब करेंगे।
महिला संगठन और प्रतिनिधियों में भारी आक्रोश
– उत्तराखंड महिला संघ की अध्यक्ष अनिता शर्मा ने कहा कि संविधान के 131वें संशोधन बिल का विरोध करना शर्मनाक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2029 में प्रचंड बहुमत के साथ यह अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।
– पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष दीपा ललित कांडपाल ने इसे आधी आबादी के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि महिलाओं को अब नजरअंदाज करना संभव नहीं है। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों कुछ दल अपने स्वार्थ के लिए लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।

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