May 22, 2026

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निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं पशु क्रूरता पर रोक के संबंध में विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित हुई

रुद्रपुर 22 मई 2026, – शुक्रवार को उत्तराखण्ड गो सेवा आयोग के अध्यक्ष (डॉ०) पं० राजेन्द्र अणथ्वाल की अध्यक्षता में निराश्रित गौवंश के संरक्षण एवं पशु क्रूरता पर रोक के संबंध में विकास भवन सभागार में बैठक आयोजित हुई। बैठक में निराश्रित गौवंश की समस्या, गौशालाओं की स्थिति और पशु क्रूरता को रोकने पर विस्तार से चर्चा की गयी। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ० आशुतोष जोशी ने बताया कि निराश्रित गौवंश के प्रबन्धन हेतु जनपद में प्रस्तावित नवीन गौशालाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि जनपद में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त 05 गौशालाओं का संचालन किया जा रहा है तथा 07 नवीन गौशालाओं के निर्माण हेतु कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने बताया कि सरकार की ग्राम्य गौ सेवक योजना के तहत पांच निराश्रित नंदी गोवंश के संरक्षण पर प्रतिदिन 80 रू० प्रति नंदी गोवंश हेतु सहायता दी जा रही है। इससे निराश्रित गौवंश की समस्या कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जनपद में मान्यता प्राप्त 25 ग्राम्य गोसेवकों द्वारा 05-05 निराश्रित नर नंदी गोवंश को शरण दी जा रही है। मा0 अध्यक्ष ने कहा कि गोवंश के प्रति अपराध करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। गो सेवा आयोग द्वारा निर्देश दिए गए कि सभी सरकारी एवं निजी गौशालाओं का अनिवार्य पंजीकरण एवं वित्तीय ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए। गोवंश को लावारिस छोड़ने वालों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर “ऑपरेशन कामधेनु” अभियान संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गोवंश की डिजिटल टैगिंग एवं अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक 25 गांव की दूरी पर गौशाला एवं नंदीशाला स्थापना हेतु उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जाए तथा गौशालाओं में कार्यरत कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन हो एवं गोवंश के साथ होने वाले यौन शोषण एवं पशु क्रूरता जैसे अपराधों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश कुमार भट्ट, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ० हरजीत सिंह, नगर निगम से राजू नबियाल, संसद प्रतिनिधि विपिन जल्होत्रा, सदस्य पशु क्रूरता निवारण समिति प्रथम बिष्ट आदि अधिकारी उपस्थित थे तथा नगर आयुक्त काशीपुर, जनपद उपजिलाधिकारियों, उप नगर आयुक्त काशीपुर, पशुचिकित्सा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे।