October 22, 2026

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​दीपावली की जगमग रोशनी और ‘वोकल फॉर लोकल’: स्वदेशी सुगंध से रोशन हो रहा हल्द्वानी और नैनीताल की शान का सफर

​उत्तराखंड का नैनीताल क्षेत्र अपनी सुंदर, कलात्मक और पारंपरिक मोमबत्ती निर्माण (Candle Making) की कला के लिए देश-विदेश में विख्यात है। इसी समृद्ध विरासत को आधुनिक, इको-फ्रेंडली और आकर्षक रूप देकर जनपद नैनीताल के पॉलीशीट, हल्द्वानी की रहने वाली हेमा कोश्यारी कौशिक ने अपने ब्रांड ‘Glow Nirvana Candles’ की सफल नींव रखी है। Fine Arts में महारत हासिल करने वाली हेमा जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘वोकल फॉर लोकल’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन से प्रेरणा ली। MSME विभाग द्वारा चलाए जा रहे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों और निरंतर मार्गदर्शन ने उनके इस हुनर को एक सफल व्यावसायिक उद्यम में बदल दिया है।
​हेमा जी अपने ब्रांड के तहत कई अलग-अलग और इनोवेटिव डिज़ाइनों की मोमबत्तियां तैयार करती हैं। इनमें 100% प्राकृतिक सोया वैक्स, मधुमक्खी के मोम (Beeswax) और पर्ल वैक्स से बनी सुगंधित जार कैंडल्स, फ्लोटिंग कैंडल्स, पारंपरिक दीया कैंडल्स, पिलर और मोतियों (Peony) के आकार की सुंदर मोमबत्तियां शामिल हैं। इन हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री वह स्थानीय मेलों, MSME स्टॉल्स, स्थानीय बाजारों और सोशल मीडिया जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (Facebook, Instagram) के माध्यम से करती हैं। इस व्यावसायिक सूझबूझ के दम पर वह घर बैठे ही अपना सारा खर्च निकालकर आसानी से 25 से 30 हजार रुपये की मासिक शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।
​विशेष बात यह है कि हेमा जी आज केवल स्वयं आत्मनिर्भर नहीं बनी हैं, बल्कि उन्होंने अपने इस कार्य में अपने साथ 3 अन्य महिलाओं/स्थानिक लोगों को रोजगार भी प्रदान किया है। इस तरह वह एक ‘जॉब सीकर’ (नौकरी मांगने वाले) के बजाय ‘जॉब गिवर’ (रोजगार देने वाले) बनकर समाज में एक बड़ा बदलाव ला रही हैं। इसमें उत्तराखंड सरकार और धामी प्रशासन का सकारात्मक दृष्टिकोण और जनकल्याणकारी नीतियां बेहद मददगार साबित हुई हैं, जो ‘महिला सशक्तिकरण’ और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए स्थानीय कारीगरों को मंच और संसाधन उपलब्ध करा रही हैं।
​आने वाले पर्वतीय और पावन त्योहारों जैसे नवरात्रि, दीपावली और क्रिसमस के सीजन में इन इको-फ्रेंडली मोमबत्तियों की मांग में भारी उछाल आता है, जिससे इनकी बिक्री और मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है। चीनी सामानों और हानिकारक पैराफिन मोमबत्तियों के मुकाबले सोया वैक्स और प्राकृतिक सुगंधों से तैयार ये धुआं-मुक्त उत्पाद न केवल घरों को जगमगाते हैं, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार के सहयोग और हेमा कोश्यारी कौशिक के इस प्रेरणादायक प्रयास ने आज साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और सही नीतियों के मेल से कोई भी महिला स्वावलंबन और सफलता की नई इबारत लिख सकती है