बाजपुर,। बोडा प्राचीन शिव मन्दिर के श्रीपंच दसनाम जूना अखाड़ा के महंत श्रीदेवगिरी जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के बाद मंगलवार को प्राचीन शिव मंदिर परिसर में दूरदराज से आये साधु संतों ने उन्हें समाधि दी।
इस दौरान महंत श्रीदेव गिरी के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। महंत श्री देवगिरी जी महाराज 82 वर्ष के थे। वह कुछ दिनों से बीमार थे। उनका उपचार भी चल रहा था। वहीं सोमवार की शाम करीब साढ़े छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली और अपने शरीर को छोड़ दिया। वहीं मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे उन्हें समाधि दी गई। इस दौरान दूरदराज से पहुंचे संत, साधु महात्माओं ने उन्हें नमन किया। महंत देव गिरी महाराज के ब्रह्लीन होने की सूचना पर मंदिर परिसर में श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। उनके गुरु भाई भगवान गिरी, चेला बलदेव गिरी, हिमालय गिरी, बुद्ध गिरी, अशोक कांडपाल महंत शंकर गिरी बागेश्वर, थानापति लक्ष्मण गिरि महाराज कुंडेश्वर रामपुर, महंत राजराजेश्वर गिरी बिन्दुखत्ता, महंत कैलाश गिरी अलका देवी मंदिर, महंत खुशाल गिरी मुरादाबाद, महंत रामगिरी मानकर, महंत ओम भारती निपानिया, महंत रामगिरी मिलक रामपुर, महंत लक्ष्मण गिरि शीतला खेत अल्मोड़ा, महंत गणेश गिरी बुंगली पिथौरागढ़, महंत अशोक गिरी माई जमना गिरी आदि अनेकों दूर दराज से संत महात्मा पहुंचे। संत महात्माओं ने पूरे विधि विधान के तहत ब्रहमलीन हुए महंत देवगिरी महाराज को समाधि दी। इस मौके पर पंडित सतीश जोशी, प्रेम यादव, मयंक शर्मा, बहादुर भंडारी, दिनेश शर्मा, धीरज सक्सेना, शंकर, ललित कोछड़ आदि मौजूद रहे।

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