March 7, 2026

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तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तम्भ : धामी

देवभूमि को खेलभूमि बना रही सरकार,शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने की छह घोषणाएं, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों और पुलिस कार्मिकों को किया सम्मानित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और राज्य के लिए छह घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के उन विद्यालयों में जहां मिड-डे मील योजना के तहत भोजन बनाने

के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं हैं, वहां राज्य सरकार द्वारा दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा। उन विधानसभा क्षेत्रों में जहां पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहां प्रत्येक क्षेत्र में 10-10 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे। ग्राम चौकीदार एवं ग्राम प्रहरी के मानदेय में एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी। सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी। राज्य में दूरस्थ व रोजगार मूलक उच्च शिक्षा के समग्र विकास और प्रचार-प्रसार के लिए जनपद स्तर पर राज्य सरकार

द्वारा विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन व समन्वय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। गंगोत्री ग्लेशियर सहित प्रदेश के अन्य हिमालयी ग्लेशियर एवं उनके समीपवर्ती क्षेत्रों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा, साथ ही प्रीडेक्टिव और प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन हेतु आपदा प्रबंधन विभाग को

और अधिक मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया और उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुए सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने तत्परता, समर्पण और साहस के साथ राहत एवं बचाव का कार्य किया, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना के साथ और तेज गति से किया जायेगा।