March 7, 2026

Jaspur Times

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परिजनों की गैरमौजूदगी में वहशी बना अमित

किच्छा।घर में परिजनों की गैरमौजूदगी में अमित पर बदयनीयती सवार हो गई। वह वहशी बन गया। युवती ने खुद को बचाने के लिए अंतिम सांस तक विरोध किया, लेकिन अमित ने अपनी बदनीयती में कामयाब न होने पर खुन्नस में युवती की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर युवती का शव समेत हत्या में प्रयुक्त वस्तुएं बरामद कर ली हैं।

गुरुवार को एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने अपने कार्यालय में घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम युवती के ममेरे भाई ने तहरीर देकर मकान मालिक के पुत्र अमित व सुमित पर शक जताया था। इसके बाद पुलिस ने अमित को थाने में लाकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान अमित ने बताया कि युवती करीब छह महीने से उनके मकान में दो हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर दो मंजिल पर रह रही थी। युवती का उसकी मां के साथ काफी मेलजोल था। वह उनके घर पर ही खाना खाती थी। युवती इंटर्नशिप पूरी कर घर वापस जाने वाली थी। बीते चार नवंबर को युवती दिन में लगभग तीन बजे फैक्ट्री से घर आयी थी। उस समय मां रुद्रपुर के निजी अस्पताल में भर्ती थी। उसके पिता कामेश्वर सिंह और भाई सुमित उसकी मां को रुद्रपुर अस्पताल में देखने गये थे। वह घर पर अकेला था। चार बजे उसने युवती को नीचे रोटी बनाने के लिए बुलाया। युवती को देखकर उसकी नीयत में खोट आ गया। उसने युवती के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इस पर युवती ने कड़ा विरोध जताया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इसके बाद उसने उसका गला दबा दिया। जान से मारने की नीयत से चादर से उसका गला घोंट दिया। उसने उसके शव को घर के मंदिर वाले कमरे में छिपा दिया।

इस दौरान पिता ने फोन पर बताया कि वह घर आ रहे हैं। शाम साढ़े सात बजे पिता घर आए और आवाज देकर उसे बुलाया। उसने घर का ताला लगाया और उनके साथ रुद्रपुर अस्पताल चला गया। एक घंटे बाद वह अपने भाई सुमित के साथ वापस घर आ गया। सुमित ने मंदिर वाले कमरे में जाकर युवती का शव देख लिया। तब उसने सुमित को मां की बीमारी का वास्ता देकर शव बाहर फेंकने में मदद के लिए विश्वास में ले लिया।

ममेरे भाई की तत्परता से खुलीं केस की परतें

मंगलवार दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे से युवती का मोबाइल नहीं उठने पर परिजन परेशान थे। वह मकान मालिक को भी फोन कर रहे थे, लेकिन कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा था। इसके बाद बुधवार को युवती का ममेरा भाई अपने दो दोस्तो के साथ लालपुर पहुंचा। वहां उसे अमित मिला। अमित की असहजता देखकर ममेरे भाई व उसके दोस्तों को शक होने लगा। इसके बाद उन्होंने सामने वाले पड़ोसी के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखनी शुरू की। इसमें अमित व सुमित बार-बार घर से अंदर बाहर निकल रहे थे। रात्रि करीब 12 बजे उनके घर से बाइक पर दो लोग कुछ ढककर ले जाते दिखाई दिए। इसी फुटेज से उनका शक विश्वास में बदलने लगा। इसके बाद उन्होंने लालपुर पुलिस चौकी में जाकर अमित और सुमित के खिलाफ तहरीर दी। यही फुटेज पुलिस की जांच का आधार बन गई।

शव को पानी में डुबाने के लिए चादर में बांधी ईंटें


आरोपी अमित और सुमित ने युवती के शव को चादर से बांध दिया और उसके अंदर 15-20 ईंट रख दीं, जिससे शव पानी के नीचे चला जाए और किसी को पता नहीं चले। इसके बाद दोनों बाइक पर शव को लेकर श्मशान घाट के पीछे ग्राम महाराजपुर जाने वाली सड़क पर श्रीपुर में सड़क से नीचे उतर कर कुछ दूरी पर बह रही बड़ौर नदी में फेंक आए। इसके बाद दोनों बाइक से रुद्रपुर बस स्टेशन के पास गए। फिर वहां से घूमकर रात करीब ढाई बजे घर वापस आ गए। पुलिस ने अमित की निशानदेही पर युवती का शव और चादर बरामद कर ली है।

युवती के पिता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे


युवती की दो बहने हैं। युवती के पिता फ्लाइट लेकर गुरुवार को रुद्रपुर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पिता ने बताया कि उनकी बेटी आरोपी के भाई को राखी बांधती थी, लेकिन आरोपी उसे हमेशा बदनीयती से ही देखता था। बेटी दीपावली पर अपने घर गई थी। मंगलवार को वहां से वापस आई थी।