भवाली (नैनीताल)। चालक-परिचालकों के साथ बसों का अभाव होने से भवाली डिपो से पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लिए चलने वाले कई सेवाएं ठप पड़ी हैं। गाड़ियों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी के साथ सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भवाली डिपो की ओर से चालक-परिचालकों और नई बसों की मांग देहरादून निदेशालय से की गई है जिस पर जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। भवाली डिपो से वर्तमान में नैनीताल-मुक्तेश्वर, दिल्ली-बागेश्वर, नैनीताल-लैंसडौन, नैनीताल-तल्ला रामगढ़, नैनीताल-चनौती, नैनीताल-पिथौरागढ़, नैनीताल-रानीखेत, दिल्ली-सांग मुनार, भवाली-देवी धुरा, नैनीताल-पटवाडांगर, हल्द्वानी-भनोली, नैनीताल-मोतियापाथर, नैनीताल-घोड़ाखाल, नैनीताल-लखनऊ, नैनीताल-लालकुआं, नैनीताल-श्रीनगर, नैनीताल-कानपुर, नैनीताल-सहारनपुर समेत अन्य रूटों पर बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे पर्वतीय क्षेत्र के यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वर्तमान में भवाली डिपो से 28 बसों का संचालन हो रहा है।उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ओर से लगातर बसों की मांग की जा रही है। निगम अधिकारियों की ओर से संगठन से कहा गया है कि दिसंबर प्रथम सप्ताह में 100 नई बसें उपलब्ध करा दी जाएंगी। 200 और बसों का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।
एलडी पालीवाल, प्रदेश उप महामंत्री, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन
भवाली डिपो में सात चालक और सात परिचालकों की कमी है। 10 नई बसों की जरूरत है। चालक-परिचालकों की नियुक्ति के साथ नई बसों की मांग निदेशालय से की गई है। मांगे पूरी होते ही समस्या हल हो जाएगी।
मधुसूदन मिश्रा, एजीएम परिवहन विभाग

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