रुद्रपुर में डिजिटल अरेस्ट के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। साइबर ठगों ने बैंक खातों में लिमिट से अधिक ट्रांजेक्शन होने का हवाला देकर महिला को धमकाया। इसके बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर 1.20 करोड़ रुपये हड़प लिए। साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अल्मोड़ा निवासी एक महिला ने साइबर पुलिस को बताया कि वह एक आश्रम से जुड़ी है। बीते 11 दिसंबर को उनके व्हाट्सएप पर अनजान कॉल आया जिसने खुद को टेलीकॉम रेग्युलेटरी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। कहा कि उनके खाते में पांच हजार से अधिक ट्रांजेक्शन से पैसे डाले गए हैं जिन लोगों ने पैसे डाले उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इससे महिला घबरा गई।आरोप है कि ठग ने 11 दिसंबर से छह जनवरी तक उनके मोबाइल पर लगातार संपर्क किया और किसी से बात नहीं करने की हिदायत देकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। जांच के लिए उसके बैंक खाते के सारे पैसे सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट नंबर आईसीआईसीआई बैंक के खाते में ट्रांसफर करने को कहा। उनकी बातों से घबरा कर उसने 31 दिसंबर को अपने एचडीएफसी बैंक खाता से 1.20 करोड़ रुपये सीक्रेट खाते में डाल दिए। तब जाकर साइबर ठगी का पता चला। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि टीम उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिसमें रुपये भेजे गए।

संपादक – जसपुर टाइम्स
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